सवाल उठता है कि क्या ट्रस की माफी के बाद ब्रिटेन में राजनीतिक संकट खत्म हो गया है. ट्रस की मांफी मांगने के पीछे बड़ी वजह क्या है. कंजर्वेटिव पार्टी की क्या दुविधा है. क्या पार्टी प्रधानमंत्री ट्रस के स्थान पर किसी अन्य को पीएम बना सकती है.
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने अपने आर्थिक फैसलों के लिए देश के समक्ष माफी मांगी है. ट्रस ने कहा कि मैंने जो भी गलतियां की हैं, उनके लिए मैं माफी मांगती हूं, लेकिन पद नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मैं उच्च करों की समस्या से निपटने के लिए लोगों को उनके ऊर्जा बिलों में मदद करना चाहती थी, लेकिन हमने इसमें काफी तेजी दिखाई जो गलत साबित हुई. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ट्रस की माफी के बाद ब्रिटेन में राजनीतिक संकट खत्म हो गया है. ट्रस के मांफी मांगने के पीछे बड़ी वजह क्या है? कंजर्वेटिव पार्टी की क्या दुविधा है? क्या पार्टी प्रधानमंत्री ट्रस के स्थान पर किसी अन्य को पीएम बना सकती है? क्या ये सारे हालात ब्रिटेन में एक चुनाव की ओर ले जा रहे हैं? इस पर क्या है विशेषज्ञों की राय.
कंजर्वेटिव पार्टी की क्या दुविधा है? क्या पार्टी प्रधानमंत्री ट्रस के स्थान पर किसी अन्य को पीएम बना सकती है? क्या ये सारे हालात ब्रिटेन में एक चुनाव की ओर ले जा रहे हैं? इस पर क्या है विशेषज्ञों की राय.
क्या ब्रिटेन में खत्म हुआ राजनीतिक संकट
करों में कटौती के अलावा यूरोपीय संघ के कानूनों से छुटकारा पाना, राष्ट्रीय बीमा वृद्धि को उलटने और हरित ऊर्जा लेवी की वसूली पर रोक लगाने का वादा उनके लिए भारी पड़ सकता है. पीएम ट्रस ब्रिटेन की आर्थिक समस्याओं का समाधान कैसे पाएंगी. यह कह पाना मुश्किल है.
प्रो पंत ने कहा कि ब्रिटेन में महंगाई और ब्याज दर में इजाफे ने देश की राजनीति को प्रभावित किया है. इस मंहगाई का असर ब्रिटेन में कम आय वाले लोगों पर ज्यादा पड़ रहा है. ट्रेड यूनियनों के प्रति नए पीएम के नकारात्मक रुख से उनकी सरकार के लिए जनता का समर्थन और कम हुआ है
यह लेख जागरण में प्रकाशित हो चुका है.
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Professor Harsh V. Pant is Vice President at Observer Research Foundation, New Delhi. He is a Professor of International Relations with King's India Institute at ...
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