अमेरिकी कांग्रेस की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद कई अमेरिकी नेता भी वहां पहुंचे हैं. आखिर नैंसी पेलोसी की यात्रा के बाद चीन की क्या रणनीति है. क्या चीन अमेरिका से डर गया. क्या चीन ताइवान पर हमला करेगा.
अमेरिकी कांग्रेस की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद कई अमेरिकी नेता भी वहां पहुंचे हैं. हाल में ही इंडियाना गवर्नर एरिक होलकोंब ने ताइवान की यात्रा की है. विशेषज्ञ मानते हैं कि ताइवान सिर्फ सामरिक रूप से ही नहीं बल्कि सांकेतिक रूप से भी पश्चिम के लिए बहुत खास है. ताइवान एशिया में कामयाब लोकतंत्र का बेहतरीन उदाहरण है. यहां अपनी बात कहने की आजादी है. ताइवान में कानून का राज है और चुनावी प्रक्रिया है. यह उन मूल्यों का भी प्रतीक है, जो पश्चिमी पहचान के केंद्र में हैं. आखिर नैंसी पेलोसी की यात्रा के बाद चीन की क्या रणनीति है. क्या चीन अमेरिका से डर गया. क्या चीन ताइवान पर हमला करेगा. इस सवालों पर क्या है विशेषज्ञों की राय.
नैंसी पेलोसी की यात्रा के बाद चीन की क्या रणनीति है. क्या चीन अमेरिका से डर गया. क्या चीन ताइवान पर हमला करेगा. इस सवालों पर क्या है विशेषज्ञों की राय.
ताइवान पर हमले का अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ताइवान सेमीकंडक्टर सप्लाई का हब है. इसके अलावा कंज्यूमर गुड्स और फाइनेंस में भी उसकी बड़ी भागीदारी है.
बता दें कि दो अगस्त को नैंसी ताइवान पहुंची थीं. इसके बाद चीन ने ताइवान के आस-पास समुद्र में सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया था. इसके बाद से चीनी वारशिप और फाइटर जेट गश्त कर रहे हैं. इसके जवाब में ताइवान ने भी जंग की तैयारी कर ली है. ताइवान सरकार भी हाई अलर्ट पर है. ताइवानी सेना की चीन सेना की हर हरकत पर पूरी नजर है. हालांकि, नैंसी की यात्रा के समय चीन ने बड़ी-बड़ी बातें की थी. उसने कहा था कि नैंसी के विमान को चीनी सेना मार गिराएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. इसके बाद अमेरिका व पश्चिमी देशों ने चीन पर और दबाव बनाना शुरू कर दिया है. नैंसी की ताइवान यात्रा के बाद पश्चिमी देशों का भी प्रतिनिधिमंडल वहां जा रहा है.
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यह लेख जागरण में प्रकाशित हो चुका है.
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Professor Harsh V. Pant is Vice President at Observer Research Foundation, New Delhi. He is a Professor of International Relations with King's India Institute at ...
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