India Nepal relations प्रधानमंत्री देउबा के कार्यकाल में भारत और नेपाल के रिश्तों में गर्मी आई है. देउबा भारत के प्रबल समर्थक हैं. देउबा के कार्यकाल में पीएम मोदी ने नेपाल का दौरा किया था. देउबा की इंडिया फस्ट नीति ने चीन को बड़ा झटका दिया है.
नेपाल (Nepal) में आम चुनाव (Election) की मतगणना का कार्य जारी है. हालांकि, शुरुआती रुझानों से यह तय माना जा रहा है कि एक बार फिर नेपाल में गठबंधन की सरकार अस्तित्व में आएगी. नेपाली कांग्रेस एक बड़े दल के रूप में सामने आ सकती है. ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि देउबा एक बार फिर प्रधानमंत्री (PM) बन सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो भारत-नेपाल (India- Nepal) के रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा.
नेपाली कांग्रेस एक बड़े दल के रूप में सामने आ सकती है. ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि देउबा एक बार फिर प्रधानमंत्री (PM) बन सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो भारत-नेपाल (India- Nepal) के रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा.
देउबा भारत के प्रबल समर्थक हैं. देउबा के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल का दौरा किया था. दोनों देशों के बीच संबंध प्रगाढ़ हुए हैं. देउबा की इंडिया फस्ट नीति ने चीन को बड़ा झटका दिया है.
एशिया में छोटे देशों को विकास के नाम पर लुभावनी योजनाएं पेश कर रहा ड्रैगन नेपाल में भी इसी मिशन में जुटा है. ऐसे में भारत के लिए नेपाल के साथ रिश्तों को सहेजना अत्यंत आवश्यक व सही रणनीतिक कदम है.
यह आर्टिकल जागरण में प्रकाशित हो चुका है.
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Professor Harsh V. Pant is Vice President - ORF and Studies at Observer Research Foundation, New Delhi. He is a Professor of International Relations with ...
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