आज भारत Operation Sindoor के एक साल पूरे होने को याद कर रहा है लेकिन यह सिर्फ किसी सैन्य अभियान की बरसी नहीं है बल्कि उस मोड़ की कहानी है जहाँ भारत की सुरक्षा सोच ने एक नया रास्ता चुना.
एक साल पहले, जब पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने धर्म के नाम पर निर्दोष भारतीयों को निशाना बनाया, तब देश ने केवल दुख या निंदा तक खुद को सीमित नहीं रखा. भारत ने जवाब दिया- सटीक, निर्णायक और ऐसा, जिसने दुनिया को यह संदेश दिया कि अब आतंक के खिलाफ भारत की नीति बदल चुकी है. यही था ऑपरेशन सिंदूर.
पिछले एक साल में भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों को नई धार दी. खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल पहले से मजबूत हुआ. साइबर सुरक्षा और सूचना युद्ध जैसे नए मोर्चों पर भी देश ने अपनी रणनीति को तेजी से बदला क्योंकि आज की लड़ाई सिर्फ सीमाओं पर नहीं बल्कि स्क्रीन, नेटवर्क और नैरेटिव की दुनिया में भी लड़ी जाती है.
आज, एक साल बाद, ऑपरेशन सिंदूर केवल एक ऑपरेशन नहीं बल्कि भारत की बदलती सुरक्षा नीति का प्रतीक बन चुका है. एक ऐसा संदेश, जिसने साफ कर दिया कि नया भारत अब आतंक के खिलाफ “Zero Tolerance” के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है और जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा.