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भारताची वाटचाल आर्थिक सुधारणांच्या यशावर उभी आहे — या सु
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती नज़दीकी से चीन की चिंताओं के
चुनाव अभियान के दौरान किए गए अपने वादों के मुताबिक़, डोना�
अगले साल के लिए भारत की GDP विकास दर के कम रहने के अनुमान लगा�
वैसे तो रूस 2015 के बाद से ही पश्चिमी एशिया में महत्वपूर्ण भ�
ভারতীয় নৌবাহিনীর শক্তির সঙ্গে সামঞ্জস্য রাখতে না পারল�
तुर्की की मध्यस्थता से हुई अंकरा घोषणा के उथल पुथल के हॉर�
इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) और एसोसिएशन और चीन का नया मंच, �
चीन को लेकर ट्रंप की इस सोच में एक बड़ा योगदान इस बात का भी
वैसे तो वैश्विक आम सहमति तक पहुंचने के मामले में पिछले दि�
बांग्लादेश में इस वक़्त चल रही राजनीतिक उठा-पटक और कम क़ी�
वैसे पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का कुछ असर तो रूस पर पड़�
‘ক্রেতা-বিক্রেতা’ বিন্যাসের ঊর্ধ্বে উঠে ভারত-রাশিয়া স�
म्यूनिख सिक्योरिटी कांफ्रेंस और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम क�
भारत में खाद्य और ग़ैर खाद्य पदार्थों की तुलना में ऊर्जा �
भारत और ऑस्ट्रेलिया SIDS से सहयोग को प्राथमिकता तो देते हैं.
भारत के LGBTQ+ समुदाय की आर्थिक संभावनाओं का इस्तेमाल करने स�
बुर्किना फासो, माली और नाइजर द्वारा साहेल देशों का गठबंध�
वैसे तो हिंद प्रशांत के मामलों में आसियान एक प्रमुख भूमि�
आज जब दुनिया शीत युद्ध 2.0 से तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही �
वैसे तो अंतरिम बजट एक अस्थायी योजना होता है, लेकिन सरकार क
पाकिस्तान में 2024 के आम चुनाव वहां के सियासी मैदान में फौज �
भारत ने मज़बूत टीकाकरण कार्यक्रमों के माध्यम से टीके से �
बेल्जियम वो देश है, जहां यूरोपीय संघ के कई संस्थान स्थित ह
ভূ-রাজনৈতিক, অর্থনৈতিক এবং প্রযুক্তিগত বিবেচনার সঙ্গে র�
মালে সম্ভবত চিন সংক্রান্ত ভারতের বিস্তৃত কৌশলগত উদ্বেগ�
चीन के प्रति ऑस्ट्रेलिया की परिष्कृत नीति, उसकी तरफ़ झुक�
भारतीय संघवाद के लिए केंद्र-राज्य सहयोग बेहद अहम है, लेकि�
श्रीलंका में बिगड़ता आर्थिक संकट, अब उस सरकार के ख़िलाफ रा�
महामारी पूर्व की स्थिति से उबरने और सीमाओं के पुनः खुलने �
कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण और वैक्सीन को लेकर आशंकाओं के चल�
Two decades down the line, the “War on Terror” remains far from over
১৯৯১ সালের সংস্কারগুলি একটা অন্য প্রযুক্তিগত সময়ের প্র�
आज जब भारत 1991 के आर्थिक सुधारों की 30वीं सालगिरह मना रहा है, �
21वीं सदी में हम देखेंगे कि राजनेता और अधिक ताकत और भरोसे क�
1991 में जहां भारत के सामने एक संकट से उबरने की चुनौती थी. वही
1991 में किए गए आर्थिक सुधारों का स्वरूप उन तकनीकी चुनौतियो�
1991 के सुधार व्यापक थे और उसका अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से
The low hanging fruit has been plucked. The road ahead will need deeper and more impactful reforms at all levels of governments — Union, States and
The reforms of 1991 were designed for a different technological frontier than what faces India in 2021.
The multiple versions of the reforms story make it difficult to separate fact from romance.
Going forward, the 21st century will see leaders at the Union embrace reforms with greater force and stronger conviction.
As India commemorates the 30th anniversary of the 1991 Reforms, ORF looks back at its very first publication.
The reforms of 1991, which were a cohesive wide range of reforms, covered large segments of the economy. However, in its totality, they were hamstrung
इससे पहले 2008 में मनमोहन सिंह सरकार ने भी प्रकाशित कार्यों
वैसे तो पूरी दुनिया में महिलाएं और बच्चे ज़ुल्म के शिकार �
इस विवाद का केंद्र, जापान द्वारा सन् 1910 से द्वितीय विश्व य�
संचार के आधुनिक साधनों के दौर में कूटनीति को भी बदलना होग�