बीजिंग स्कैन चीन को लेकर ORF की पाक्षिक रिपोर्ट है. इसमें महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक, विदेश नीति और सैन्य घटनाक्रम का विश्लेषण किया जाता है.
चीन की जीडीपी ने 2026 की पहली तिमाही में 5 प्रतिशत की रफ्तार दिखाकर उम्मीदों को पीछे छोड़ा है लेकिन ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव इसका असली असर आगे दिखा सकते हैं. जानिए कैसे.
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चीन के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में उम्मीद से ज़्यादा बढ़ोतरी हुई. 2026 की पहली तिमाही में इसमें 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि अर्थशास्त्रियों ने 4.8 प्रतिशत का अनुमान लगाया था. पिछले अप्रैल में चीन द्वारा अपने वार्षिक आर्थिक विकास के लक्ष्य को घटाकर 4.5-5 प्रतिशत की सीमा, जो 1991 के बाद सबसे कम है, तक लाने के बाद पहली बार GDP का ये आंकड़ा जारी किया गया है. ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि इसलिए है क्योंकि मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद भी इसे हासिल किया गया.
तस्वीर 1: चीन की GDP में साल-दर-साल बढ़ोतरी

स्रोत: चाइना डेली
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की अर्थव्यवस्था पर ईरान युद्ध का पूरा असर दिखना अभी बाकी है और आने वाली तिमाहियों में युद्ध का व्यापक असर पड़ सकता है. ये ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है कि 2026 की पहली तिमाही में 5 प्रतिशत का विकास 2025 की पहली तिमाही के 5.4 प्रतिशत के विकास से थोड़ा कम है. ऐसे में पिछली तिमाही के मुकाबले विकास भले ही सकारात्मक हो लेकिन एक साल पहले की तुलना में विकास में कमी आई है.
इस बीच चीन के औद्योगिक सेक्टर ने 2026 की पहली तिमाही के दौरान लाभ में मज़बूत बढ़ोतरी दर्ज की है. चीन की बड़ी औद्योगिक कंपनियों- जिनका वार्षिक राजस्व 20 मिलियन युआन (2.93 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से ज़्यादा है- का लाभ 15.5 प्रतिशत बढ़ा है और जनवरी-मार्च की अवधि के दौरान ये बढ़कर 1.696 ट्रिलियन युआन (लगभग 247.3 अरब अमेरिकी डॉलर) पहुंच गया है. ये सितंबर के बाद से सबसे तेज़ वृद्धि है. ये मज़बूत प्रदर्शन चीन के उत्पादक मूल्य सूचकांक में आए उछाल के साथ दर्ज किया गया. ईरान युद्ध के कारण दुनिया भर में कमोडिटी के दाम में बढ़ोतरी के बीच कारखाने के स्तर पर कीमतों का सूचकांक मार्च में तीन साल से अधिक समय में पहली बार बढ़ा.
चीन के लिए ताइवान को अलग-थलग करना केवल प्रतीकात्मक नहीं है. ये उसके इस दावे को मज़बूत बनाता है कि ताइवान चीन का हिस्सा है. साथ ही दुनिया के मंच पर संप्रभु किरदार के रूप में काम करने की ताइवान की क्षमता को सीमित करता है.
इसके अलावा, चीन ने अपना 1 साल का लोन प्राइम रेट (LPR) 3 प्रतिशत जबकि 5 साल का रेट 3.5 प्रतिशत पर बनाए रखा है. इस तरह लगातार 11वें महीने में कोई बदलाव नहीं हुआ. ये निर्णय बाज़ार की उम्मीदों के मुताबिक है क्योंकि सात दिन का रिवर्स रेपो रेट 1.4 प्रतिशत पर स्थिर है. जानकार इस सतर्क रुख का कारण पहली तिमाही में मज़बूत GDP विकास (5 प्रतिशत) और बैंकों के शुद्ध ब्याज मार्जिन में कमी (1.42 प्रतिशत) को बताते हैं. हालांकि विश्लेषकों का अनुमान है कि टैरिफ या वैश्विक व्यापार में मंदी से आर्थिक दबाव बढ़ता है तो 2026 की दूसरी तिमाही में दरों में कटौती हो सकती है.
इस बीच चीन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है. वर्तमान में चीन के ज़्यादातर सामानों पर 10 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लगता है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जुलाई की शुरुआत तक अधिक टैरिफ बहाल किया जा सकता है.
पिछले एक महीने में चीन के राजनीतिक विमर्श में ताइवान ने मुख्य स्थान हासिल कर लिया है. चीन ने विपक्ष के नेता चेंग लि-वुन के दौरे और पिछले एक दशक में पहली बार आयोजित KMT-CCP शिखर सम्मेलन को महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया है.
इसके अलावा, लंबे समय से ताइवान के द्वारा अपने राजनयिक सहयोगियों से संबंध चीन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की छाया से प्रभावित रहे हैं. ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते की एस्वातिनी यात्रा स्पष्ट रूप से इस बात का उदाहरण है.
तस्वीर 2: दशक के अनुसार ताइवान से चीन की ओर कूटनीतिक बदलाव

स्रोत: लेखक
ताइवान के अकेले अफ्रीकी साझेदार और दुनिया में केवल 12 कूटनीतिक सहयोगियों में से एक होने के नाते इस्वातिनी ताइवान की कूटनीति के केंद्र में है. इसके कारण उच्च-स्तरीय यात्रा में रुकावट राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है. चीन ने पिछले एक दशक के दौरान ताइवान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने के लिए ग्लोबल साउथ के देशों को मनाने का प्रयास तेज़ कर दिया है.
तस्वीर 3: ताइवान के बाकी 12 कूटनीतिक सहयोगी

स्रोत: लेखक
ये रणनीति अफ्रीका में ख़ास तौर पर नज़र आती है जहां चीन के व्यापक व्यापार संबंध, इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश और विकास वित्त उसे फायदे की स्थिति में रखते हैं. इसके कारण ताइवान की कूटनीतिक मौजूदगी में लगातार कमी आई है. पिछले दशक में कई सहयोगियों की तुलना में आज सिर्फ एक सहयोगी- इस्वातिनी- है. चीन के लिए ताइवान को अलग-थलग करना केवल प्रतीकात्मक नहीं है. ये उसके इस दावे को मज़बूत बनाता है कि ताइवान चीन का हिस्सा है. साथ ही दुनिया के मंच पर संप्रभु किरदार के रूप में काम करने की ताइवान की क्षमता को सीमित करता है.
उम्मीद के मुताबिक, जब लाई ने इस्वातिनी दौरे की योजना बनाई तो चीन के दबाव में अफ्रीका के तीन देशों ने ताइवान के विमान को अपने आसमान के ऊपर उड़ान भरने से मना कर दिया. अंत में लाई ने अपने विमान का रास्ता बदला और इस तरह 2 मई को वो इस्वातिनी पहुंचे.
चीन पिछले कुछ समय से अपने समुद्री इलाकों के नज़दीक जापान के अभियानों को लेकर चिंतित हो गया है. कूटनीतिक और मीडिया में विरोध के साथ-साथ चीन ने समुद्र में अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. PLA नौसेना ने लूज़ोन के पास अभ्यास किया और साउथ चाइना सी में अभियान के लिए लियाओनिंग एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किया है. इसलिए दो सबक यहां स्पष्ट है
उनकी यात्रा के सफल समापन के सांकेतिक और रणनीतिक मायने हैं. ताइवान के लिए ये बाकी साझेदारों के साथ औपचारिक कूटनीतिक संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि है. साथ ही ये संकेत भी कि बाहरी दबाव के आगे वो नहीं झुकेगा. इस्वातिनी की बात करें तो ताइवान के राष्ट्रपति की मेज़बानी करना उसकी स्वतंत्र विदेश नीति को मज़बूत बनाता है.
चीन का सैन्य आधुनिकीकरण तेज़ गति से जारी है. क्षेत्रीय सुरक्षा के माहौल में बदलाव के साथ हाल के हफ्तों में चीन ने इसमें उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. 31 मार्च को चीन की रक्षा कंपनी NORINCO ने चांगयिंग-8 (CY-8) की पहली उड़ान का संचालन किया. ये एक भारी कार्गो ड्रोन है जो कम दूरी में उड़ान भरने एवं उतरने और अधिक ऊंचाई के ऑपरेशन के लिए बनाया गया है.
25 मीटर के पंखों के फैलाव, 18 क्यूबिक मीटर के कार्गो होल्ड और आगे-पीछे के बंद बे के साथ CY-8 को कठोर वातावरण के लिए बनाया गया है. इसकी 500 मीटर से कम की रनवे की ज़रूरत और 3,000 किलोमीटर की रेंज इसे दूरदराज के द्वीपों से लेकर तिब्बती पठार तक ऑपरेशन में सक्षम बनाता है.
तालिका 1: चीन में भारी-भरकम ड्रोन के विकास का परिदृश्य
| Drone / Designation | Developer | Status | MTOW | Payload | Range | Propulsion | Key Role |
| CY-8 (Changying-8 / Norinco Luca) | Beijing Northern Changying / Norinco | First flight Mar 2026 | 7 t | 3.5 t | >3,000 km | Twin turboprop | Mil/civ logistics, STOL ops, airlift |
| Jiutian / Jetank | China -AVIC (XAC) | First flight Dec 2025 | 16 t | 6 t | 7,000 km (ferry) | Jet (multi-engine) | drone mothership, Swarm, network warfare |
| W5000 | Air White Whale | Certification pending; delivery ~2026 | 10.8 t | 5 t | 2,600 km | Twin turbofan | Commercial cargo logistics |
| CM100 | Shenyang-based (undisclosed) | Under development | ~20 t (est.) | 10 t | — | — | Heavy logistics (China Post / JD intent) |
| HH100/HH200 | XAC / AVIC | First flight 2024/2026 | — | 700 kg | 2,360 km | Twin turboprop | Cargo; improved over HH100 |
| TP1000 | Yitong UAV System | First flight Apr 2025 | — | 1 t | 1,000 km | Twin turboprop | Commercial cargo; 30+ orders |
| YH-1000 / YH-1000S | CAAA | YH-1000 May 2025; YH-1000S Feb 2026 | 2.3 t | 1.2 t | 1,500 km | Twin hybrid (NEV + turboprop) | Logistics, rescue, mil dual-use |
| Tengden unnamed 2-t variant | Tengden Sci-Tech | First flight Aug 2024 | — | 2 t | 2,000 km | Twin turboprop | Cargo; 16.1 m wingspan |
| Shenyang 2-t transport | Shenyang-based (undisclosed) | Production line Dec 2025 | — | 2 t | — | — | Short-runway (800 m) logistics |
| Boying T1400 | United Aircraft (Shenzhen) | First flight Oct 2024 | — | 650 kg | — | Unmanned helicopter | Mountain/maritime ops; -40 to +55 C |
| Tianma-1000 | ASN Technology / Norinco | First flight Jan 2026 | — | 1 t | 1,800 km | Turboprop | Logistics |
| Y-9 Unmanned Concept | Shaanxi Aircraft / AVIC | Concept (displayed Oct 2025) | ~60 t | ~20-30 t (est.) | — | 4x turboprop | PLA strategic airlift concept |
स्रोत: लेखक
हालांकि अप्रैल में PLA को अपनी परिचालन गति और रणनीतिक संदेश के मामले में एक कठिन परीक्षा का सामना करना पड़ा. 17 अप्रैल को जापान का डेस्ट्रॉयर जेएस इकाज़ुची ताइवान स्ट्रेट से होकर गुज़रा. ये वो तारीख है जिसे चीन शिमोनोसेकी संधि और राष्ट्रीय अपमान से जोड़ता है. चीन ने इसका जवाब विवादित समुद्र में साझा युद्धक गश्ती दल भेजकर दिया.
चीन पिछले कुछ समय से अपने समुद्री इलाकों के नज़दीक जापान के अभियानों को लेकर चिंतित हो गया है. कूटनीतिक और मीडिया में विरोध के साथ-साथ चीन ने समुद्र में अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. PLA नौसेना ने लूज़ोन के पास अभ्यास किया और साउथ चाइना सी में अभियान के लिए लियाओनिंग एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किया है. इसलिए दो सबक यहां स्पष्ट है: पहला, चीन कठिन वातावरण में लॉजिस्टिक बनाए रखने के लिए CY-8 जैसी लचीली और मज़बूत प्रणाली का निर्माण कर रहा है. दूसरा, संचालन भूमिका को सांकेतिक समर्थन और संभावित सक्रिय प्रतिरोध तक जापान की बदलती सैन्य मुद्रा इस बात का इशारा है कि पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक प्रतिस्पर्धी सुरक्षा माहौल आकार ले रहा है.स्पष्टीकरण: बीजिंग स्कैन, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन का पाक्षिक चीन समाचार पत्र है, जो प्रमुख राजनीतिक, आर्थिक, विदेश नीति और सैन्य घटनाक्रमों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है.
अतुल कुमार, कल्पित ए. मनकीकर और अंतरा घोषाल सिंह द्वारा लिखित, व्यक्त किए गए विचार लेखकों के हैं.
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Atul Kumar is a Fellow in Strategic Studies Programme at ORF. His research focuses on national security issues in Asia, China's expeditionary military capabilities, military ...
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Kalpit A Mankikar is a Fellow with Strategic Studies programme and is based out of ORFs Delhi centre. His research focusses on China specifically looking ...
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Antara Ghosal Singh is a Fellow at the Strategic Studies Programme at Observer Research Foundation, New Delhi. Her area of research includes China-India relations, China-India-US ...
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